पहलवानों के समर्थन में दिल्ली कूच करने वाले किसानों को पुलिस ने रोका

पहलवानों के समर्थन में भारी संख्या में किसान दिल्ली कूच करने वाले थे लेकिन पुलिस की बैरिकेडिंग  किसानों को रोक लिया। शाहपुर हाईवे पर किसान भारी संख्या में इकट्ठे हुए थे। जब किसान यूनियन शहीद भगत सिंह की तरफ से ऐलान हुआ कि उनके प्रधान दिल्ली पहुंच गए है तो किसान हाइवे से हटे। डीएसपी ने कहा कि उन्हें सूचना मिली थी कि किसान भारी संख्या में दिल्ली कूच करने वाले थे उनको रोकने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया था।

||Delhi||Nancy Kaushik||पहलवानों के समर्थन में भारी संख्या में किसान दिल्ली कूच करने वाले थे लेकिन पुलिस की बैरिकेडिंग किसानों को रोक लिया। शाहपुर हाईवे पर किसान भारी संख्या में इकट्ठे हुए थे। जब किसान यूनियन शहीद भगत सिंह की तरफ से ऐलान हुआ कि उनके प्रधान दिल्ली पहुंच गए है तो किसान हाइवे से हटे। डीएसपी ने कहा कि उन्हें सूचना मिली थी कि किसान भारी संख्या में दिल्ली कूच करने वाले थे उनको रोकने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया था। अब किसानों को समझा दिया गया है और किसानों ने अपना धरना समाप्त कर दिया है।  

अंबाला से किसान दिल्ली कूच करने वाले थे जिसके लिए अंबाला छावनी के शाहपुर हाईवे पर किसान इकट्ठे हुए थे।  दिल्ली के जंतर मंतर पर किसान महापंचायत होने वाली  है जिसके लिए भारी संख्या से किसान दिल्ली की तरफ जा रहे है।  किसानों ने पहलवानों की समर्थन में महापंचायत करनी है किसान यूनियन शहीद भगत सिंह के प्रधान दिल्ली पहुंच गए। जिसकी वजह से उनके समर्थन में आये किसानों ने अपना धरना वापिस लिया। किसानों का कहना था कि हमारी बात सरकार तक पहुँच गई है। बृज भूषण की गिरफ़्तारी के लिए किसानों  ने धरना प्रदर्शन किया था किसानों ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि जल्द  से जल्द बृज भूषण की गिरफ़्तारी करे और  पहलवानों  को मान सम्मान के साथ वापिस भेजा जाए।  उन्होंने कहा कि सरकार को इसका असर 2024 में देखने को मिलेगा। 

वही शाहपुर हाईवे पर सुबह से ही चारों तरफ पुलिस की तैनाती रही।  किसान सुबह 8 बजे ही हाईवे पर इकट्ठा हो गए थे।  लगभग 3 से 4 घंटे तक किसान हाईवे पर जमे रहे। डीएसपी ने बताया कि भारतीय किसान यूनियन ने आह्वान किया था कि किसानों की  दो बसे दिल्ली कूच करने वाली थी जिनको रोकने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।  अब किसानों को समझा कर वापिस भेज दिया गया है।